Chhattisgarh सहायक शिक्षक भर्ती मामले में हाइकोर्ट ने Bed की IA फिर से खारिज की अब बीएड हटेगा
छत्तीसगढ़ के प्राइमरी स्कूलों में पदस्थ 5000 शिक्षकों की नौकरी अब बस कुछ ही दिनों की मेहमान है सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य शासन ने प्राइमरी स्कूलों में कार्यरत 5000 B.Ed डिग्री धारी शिक्षकों की सूची को न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए नौकरी से बाहर करने का आदेश जारी कर दिया है दरअसल इन शिक्षकों को मान्यता प्राप्त है और यह प्राइमरी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जिस पर आपत्ति जताते हुए डीएलएड डिप्लोमा धारी उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट पर याचिका दायर की और बीएड डिग्री धारी शिक्षकों को बाहर कर डीएलएड डिप्लोमा धारी उम्मीदवारों की मेरिट के आधार पर सूची बनाने और नियुक्ति करने की गुहार लगाई थी जिसके बाद मामले की सुनवाई पर हाईकोर्ट ने राज्य शासन को मेरिट के आधार पर सूची बनाने और नियुक्ति करने का आदेश जारी कर दिया है अब राज्य शासन ऐसे 5000 शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने की आज से कार्रवाई शुरू करने जा रही है
CG B Ed News 2024 कई अभ्यार्थियों ने सरकारी नौकरी छोड़कर दी थी परीक्षा – इनमें से कई अभ्यार्थी ऐसे थे जो पहले से ही सरकारी नौकरी पे थे। अभ्यार्थियों ने सरकारी नौकरी छोड़कर सहायक शिक्षक के लिए व्यापमं की परीक्षा दी थी। बता दें कि बस्तर और सरगुजा संभाग के सुदूर अंचलों में इन्हें नियुक्त किया गया था। ये सभी एनसीटीई के गजट और शिक्षा विभाग के जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए व्यापमं की परीक्षा में अच्छे अंक पाकर नियुक्त हुए थे ।
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कोर्ट ने शिक्षकों को नौकरी से निकालने का आदेश क्यों दिया- 2023 में व्यापमं द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए 12489 पदों का नोटिफिकेशन जारी किया था | जिसमे सहायक शिक्षक (Assistant Teacher) के 6285 पद 5277 शिक्षक (Teacher) पद और 432 व्याख्याता (Lecturer) पद शामिल थे
व्यापमं ने भर्ती प्रक्रिया में बीएड वालों को सहायक शिक्षकों के पदों के लिए मान्य बताया था। परीक्षा होने के बाद व्यापमं नियमों में बलाव कर दिया। सहायक शिक्षक के लिए डीएड वालों को मान्य किया गया। बाकी को सुप्रीम कोर्ट ने हटाने का आदेश दिया।
डीएड वाले सुप्रीम कोर्ट पहुंचे -व्यापमं द्वारा नियमों में परिवर्तन करने के बाद डीएड वाले अभ्यार्थी हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद संतुष्टि नहीं मिली तो अभ्यार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने डीएड अभ्यार्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले में कोर्ट ने 2900 बीएड वालों को सहायक शिक्षक के पद से हटाने का आदेश दिया।
2900 बीएड वाले सहायक शिक्षकों ने कैसे नियुक्ति पाई थी? – 2900 बीएड वाले अभ्यर्थियों ने व्यापमं द्वारा निकाली गई भर्ती में आवेदन किया था। परीक्षा में अच्छे नंबर पाए थे एनसीटीई और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति पाई।
Supreme Court ने 2900 बीएड वालों को नौकरी से हटाने का आदेश क्यों दिया? Supreme Court ने 2900 बीएड वालों को सहायक शिक्षक के पद से हटाने का आदेश दिया क्योंकि व्यापमं ने भर्ती प्रक्रिया के बाद अपने नियमों में बदलाव करते हुए सहायक शिक्षक के पदों के लिए केवल डीएड वालों को मान्य बताया। डीएड वाले अभ्यर्थी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले गए, जहां कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। आब आगे विष्णु देव सरकार क्या करेगी ?
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