धान खरीदी को लेकर एक बार फिर से छत्तीसगढ़ में सियासत शुरू हो गई है पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश भर में अलग-अलग धान खरीदी के केदो का निरीक्षण कर धान खरीदी की व्यवस्था की पोल खोली इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू सत्यनारायण शर्मा सांसद छाया वर्मा पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंसली कांफ्रेंस के नेताओं ने सारी सरकार की धान खरीदी व्यवस्था पर कई तरह के गंभीर सवाल खड़े किए हैं नरेंद्र साहू ने कहा कि इस साल की धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है उन्होंने टोकन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऑनलाइन अप के जरिए 23 जनवरी तक का टोकन कट चुका है किसान धान नहीं भेज पा रहे हैं कई जगह में ताल में भी गड़बड़ी किए जाने की शिकायत नहीं है
धान खरीदी केदो में 21 क्विंटल से कम धान खरीदी की जा रही है धान का उठाव नहीं हो रहा है सभी धान खरीदी केदो में भारी स्टॉक जमा है वादे के अनुसार 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ध्यान नहीं खरीदा जा रहा है किसी भी धनखरीदी केंद्र में किसानों को ₹10000 तत्काल भुगतान नहीं किया जा रहा है पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि धान खरीदी के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है ताल में गड़बड़ी की जा रही है और उसके साथ ही भुगतान और ट्रांसपोर्टिंग की व्यवस्था ध्वस्त है धान खरीदी में सरकार की वादा खिलाफी उजागर हो रही है संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि किसानों को 3100 देने का वादा भाजपा ने किया था जबकि 2300 रुपए दिया जा रहा है धान खरीदी केदो में किसानों के धान की चोरी हो रही है इन शिकायत पर सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है कांग्रेस के द्वारा लगाए गए इन आरोपों के बाद भाजपा के पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि कोई गंभीर बातें कांग्रेसी नहीं बता सके धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है हां एक बात है की मीनिंग शुरू नहीं हुई है वह गतिरोध भी दूर कर लिया जाएगा कांग्रेसी इस मामले में केवल राजनीति कर रहे हैं