मोदी ने कर दिया धमका छत्तीसगढ़ी दे दिया नए साल का पहले ही गिफ्ट

CHHATTISGARH NEW CENTRAL SCHOOL
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 85 नए केंद्रीय विद्यालय (केवी) खोलने को मंजूरी दी है। इस पहल के तहत मध्य प्रदेश में 11 और छत्तीसगढ़ में 4 नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित होंगे, जो दोनों राज्यों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।

मध्य प्रदेश में 11 नए केंद्रीय विद्यालय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी की ओर से यह सौगात राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को नए आयामों तक पहुंचाने में मददगार साबित होगी। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश में 11 नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे, जो विभिन्न जिलों में स्थित होंगे। ये विद्यालय अशोक नगर, नागदा, मैहर, तिरोड़ी, बरघाट, निवाड़ी, खजुराहो, झिनझारी, सबलगढ़, नरसिंहगढ़ और भोपाल जिले के सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया में स्थापित किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ में 4 नए केंद्रीय विद्यालय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी पीएम मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह निर्णय राज्य में विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने में सहायक होगा। छत्तीसगढ़ में चार नए केंद्रीय विद्यालय खोले जाएंगे, जो मुंगेली, सूरजपुर, बेमेतरा और जांजगीर-चांपा जिले के हसौद में स्थापित होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों की अभिनव शिक्षण पद्धतियां और उन्नत अधोसंरचना छात्रों के लिए एक बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करेंगी। इन नए विद्यालयों से राज्य के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और समग्र विकास का अवसर मिलेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल देश भर में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। केंद्रीय विद्यालयों की उच्च शिक्षा प्रणाली और अद्यतन सुविधाओं के कारण ये विद्यालय विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते हैं। इन नए विद्यालयों से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के छात्रों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे, जिससे राज्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव आएगा।

कुल मिलाकर, यह योजना न केवल बच्चों के लिए अवसरों के द्वार खोलेगी, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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