विष्णु देव साय सरकार की बेरुखी के कारण रायपुर नगर निगम कर्मचारी हड़ताल पर सरकार को दी चुनौती : Raipur Municipal Corporation Strike

Raipur Municipal Corporation Strike
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Raipur Municipal Corporation Strike – रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation Strike) में मंगलवार को प्लेसमेंट कर्मचारियों के साथ-साथ नियमित कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल के कारण नगर निगम का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा। इस हड़ताल के चलते नगर निगम कार्यालय में दिनभर आम लोग अपने कार्यों को लेकर आते रहे, लेकिन किसी का काम पूरा नहीं हुआ। न तो राशन कार्ड बन पाए और न ही आयुष्मान कार्ड। इसके अलावा, टैक्स जमा करने के काउंटर भी बंद रहे, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

हड़ताल के दौरान कार्यालय में मौजूद सुरक्षाकर्मी और चपरासी कामकाजी नागरिकों को हड़ताल की जानकारी देकर उन्हें वापस भेजते नजर आए। नगर निगम कर्मचारियों की इस हड़ताल से नागरिकों में आक्रोश भी देखने को मिला।

कुछ नागरिकों ने शिकायत की कि सरकारी कार्यालय सप्ताह में केवल पांच दिन ही खुलते हैं, और उनमें भी कभी हड़ताल या छुट्टी के कारण उनका काम पूरा नहीं हो पा रहा है। इस कारण उनका छोटा सा काम भी कई दिनों तक लटका रहता है। गौरतलब है कि 31 दिसंबर तक निगम द्वारा टैक्स पर छूट दी जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में लोग टैक्स चुकाने के लिए नगर निगम दफ्तर पहुंच रहे थे, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी।

अमलीडीह के निवासी दामन लाल ने बताया कि उनका राशन कार्ड में नाम गलत लिखा गया था, जिसे सुधारने के लिए वह मंगलवार को नगर निगम के जोन-10 कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल की जानकारी मिलने पर उनका काम बिना किए ही उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में यह समस्या बार-बार होती रहती है।

बोरियाकला हाउसिंग बोर्ड के निवासी उदय शंकर राशन कार्ड का नवीनीकरण कराने के लिए कई दिनों से जोन कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को जब वह कार्यालय पहुंचे, तो पता चला कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गांधी नगर की रहने वाली आशाबाई धृतलहरे आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए लंबे समय से परेशान थीं। मंगलवार को जब वह जोन कार्यालय पहुंचीं, तो उन्हें हड़ताल की वजह से निराश होकर वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह घर के कामकाज से समय निकालकर बड़ी मुश्किल से कार्यालय पहुंची थीं, लेकिन काम न हो पाने की वजह से उन्हें निराशा हाथ लगी।

इस हड़ताल ने न केवल नागरिकों के काम को प्रभावित किया, बल्कि सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली में भी और अधिक सुधार की आवश्यकता को उजागर किया।

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